सूर्य ब्रम्हास्त्र
ब्रहास्त्र के बारे मे कुछ विषेश

ब्रह्मास्त्र एक पिरामिड है! जो एक्रेलिक धातु से बना होता है। इसमें हर व्यक्ति की रशिया राशियों के यंत्र, राशियों के तंत्र, राशियों का समान आदि विधिवत् तरीके से सजाकर रखा जाता है ताकि जब व्यक्ति इस ब्रह्मास्त्र को इस्तेमाल करे तो उसके जीवन में खुशहालियां आयें, घर के अन्दर शांति आये, घर की नकारात्मकता खत्म हो जाये, क्योंकि ब्रह्मास्त्र काॅस्मिक एनर्जी को अवषोशित करता है और सकारात्मकता फैलाता है। यह जिस घर के अन्दर रहता है, वहां सुख-शांति समृद्धि और धन की बरकत होती है। ब्रह्मास्त्र का निर्माण बेहद ही सावधानीपूर्वक और बेहद ही आध्यात्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत होकर किया जाता है, क्योंकि जरा-सी चूक आपको परेशानियों में डाल सकती है। हर राशि के जातकों के लिए अलग-अलग ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल किया जाता है। ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल राशियों के हिसाब से किया जाता है, 


सूर्य ब्रम्हास्त्र:

सूर्य ग्रहों के मुखिया हैं और ये सिंह राशि के स्वामी हैं। यही कारण है कि सिंह राशि के जातकों को यह ब्रह्मास्त्र रखने से अत्यंत लाभ होता है। साथ ही साथ यह जानना जरूरी है कि सूर्य हैं कौन? यहां जान लें कि सूर्य का संबंध आपसे, आपके मान-सम्मान से, आपके कारोबार से, आपके व्यापार, आपकी नौकरी और आपके प्रमोसन से होता है। जिस व्यक्ति का सूर्य खराब होता है, उस व्यक्ति की सेहत कभी भी सही नही रहती है। सूर्य के खराब रहने की स्थिति में, व्यक्ति बी.पी, शुगर और औरतें गायनी आदि बीमारी से परेशान हो जाती हैं। यदि किसी जातक का सूर्य बेहद नीच का हो, तो उसे लकवा आदि बीमारी तक जकड़ लेती है, नतीजतन उस जातक का जीवन अपंगता की वजह से खराब हो सकता है। इसलिए जिन लोगों को ऐसी पेरशानियां आती हैं, उन्हें सूर्य के ब्रह्मास्त्र का ही इस्तेमाल करना फायदेमंद साबित होगा। सूर्य के ब्रह्मास्त्र को घर में रखने से व्यक्ति को बीमारियों एवं परेशानियों से मुक्ति मिलती है। यहां जैसा हम जानते हैं कि सूर्य सभी ग्रहों के राजा हैं। धर्मग्रन्थों में सूर्य देव को भगवान विष्णु का साक्षात रूप एवं संसार का वास्तविक पालनकर्ता कहा जाता है। सूर्य ही राशियों के स्वामी हैं और पृथ्वी सहित सभी ग्रह सूर्य देव के चारों ओर परिक्रमा करते हैं। सूर्य पुरुष प्रधान और क्षत्रिय गुण से युक्त होते हैं। इनके देवता स्वयं भगवान विष्णु हैं और ये उग्र स्वभाव के हैं। इसलिए सूर्य देव को जब आप अपने घर में स्थान देते हैं, तो यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि स्थापना रविवार वाले दिन सुबह के समय पूर्व दिशा की ओर हो। यह बेहद ही शुभ माना जाता है। चूंकि पूर्व दिशा से आपको ताकत, बरकत और तरक्की मिलती है, इसलिए सूर्य ब्रह्मास्त्र को रविवार वाले दिन पूर्व दिशा में रविवार वाले दिन सुबह के समय यथावत् विधिपूर्वक स्थापित कर नियमित रूप से षांत भाव एवं प्रेमपूर्वक गायत्री मंत्र का उच्चारण करें। इसमें कोई संदेह नही है कि ऐसे करने से सूर्य ब्रह्मास्त्र आपके जीवन में खुशहाली , तरक्की और समृद्धि लायेगा। जय माता दी।








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