हिन्दू धर्म में सभी तिथियों में से एकादशी तिथि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु की उपासना का महत्व है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन योगिनी एकादशी व्रत रखा जाता है। योगिनी एकादशी के दिन शालिग्राम भगवान की पूजा अवश्य करें। इस विशेष दिन पर उपवास रखने से जाने या अनजाने में हुए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
एकादशी के दिन भगवान विष्णु की श्रद्धा भाव के साथ पूजा करनी चाहिए। व्रत में केवल फलाहार का विधान है। इस दिन भूखे को अन्न तथा प्यासे को जल पिलाना चाहिए। महंत श्री पारस भाई जी इसकी महत्ता बताते हुए कहा कि यदि कोई भक्त संकल्प करके योगिनी एकादशी का व्रत करता है, उसकी वह कामना बहुत जल्दी पूरी हो जाती है। किसी के दिए श्राप से मुक्ति पाने के लिए यह व्रत कल्पतरू के समान है।